Tuesday, July 15, 2008

खीरे का सुप

खीरे का सुप टेस्ट और हेल्थ दोनो के लिये अच्छा विकल्प है, साथ ही यह बनाने मे भी आसान है, इसलिये मै इस सुप की प्राथमिकता रखती हुँ।

एक खीरा, एक आलु, और एक प्याज, औसत आकार के ले, इन्हे साफ़ करके कुकर मे डालकर उबाल लें (खीरे के छिल्के ना उतारें), औसतन ७-१० मिनट मे यह उबल जाता है, ( एक सीटी आने के बाद गैस कम कर दें, पुरे वक्त सीटीयाँ लगती रहें जरूरी नही, इससे आपको गैस की खपत भी कम लगेगी और पोषक तत्व भी बचे रहेंगे)।
कुकर खोल लें, उबली सब्जी को ठंडा होने दे और फ़िर इसका पेस्ट बना ले, कुकर मे ही पेस्ट जरूरत के हिसाब से पानी, टेस्ट के अनुसार नमक, काली मिर्च का पाउडर, टेस्ट बढाने के लिये थोडा सा चाट मसाला ( चाहें तो) डाल कर मिला ले, अब कुकर बन्द करके थोडी देर तक सुप गरम होने दे, ताकि ऊपर से डाला गया पानी गरम हो जाये, इससे टेस्ट बढ जाता है।

रात को खाने के बाद सोने के पहले यह सुप ह्ल्का गरम लेने से, कब्ज की शिकायत दुर होती है।
सुबह के नास्ते मे भी इसको जगह दे सकते हैं, पुरा दिन हल्का अच्छा रहता है।
इस सुप को कुकर मे बनाने से इसके सारे पोषक पदार्थ काफ़ी मात्रा मे बचे रहते हैं, इसलिये यह सभी दृष्टिकोण से फ़ायदेमंद है।
आप चाहे तो इसे ठंडा करके थोडी पुदिने की पत्तियों के साथ भी पी सकते हैं, थके माँदे हालत मे अच्छा चुस्त दुरुस्त होने के लिये बेहतर उपाय है।

6 comments:

महामंत्री-तस्लीम said...

खीरे का सूप यूं तो पहली बार सुना है, पर बनाने की विधि सुन कर मुंह में पानी आ गया।
और हाँ, कृपया कमेंट बाक्स से वर्ड वेरीफिकेशन हटा दें, सुविधा होगी।

राज भाटिय़ा said...

हमारे यहां तो खीरा बहुत बडा मिलता हे, ओर उसका स्वाद भी अलग होता हे, कभी भारत आये तो जरुर बना कर पियेगे,धन्यवद

Zakir Ali 'Rajneesh' (S.B.A.I.) said...

अरे वाह, रेसिपी पढ कर ही मुंह में पानी आ गया।

Science Bloggers Association said...

अरे वाह, आज ही इसे ट्राई करता हूं।
-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }

shama said...

Garima, pehlee baar aapke is blog pe aayee hun...Akhil ji ke blog se link leke...aur bada achha laga..!
Aapke liye unke blogpe ek comment chhoda hai...zaroor padh lena, theek?

http://lalitlekh.blogspot.com

http://aajtakyahantak-thelightbyaloneltpath.blogspot.com

Pls, word verification hata deejiyegaa!

Sadhak Ummedsingh Baid "Saadhak " said...

पहले तो इलाज पाया, फ़िर पाया है यह ब्लाग.
इतना कम? कुछ और लिखो, तो खूब चलेगा ब्लाग.
खूब चलेगा ब्लाग, आपकी कीर्ती बढेगी.
लिख-लिख कर ही तो पुस्तक पूरी होगी.
यह साधक इस गरिमा से परिचित पहले तो.
बादमें पाया ब्लाग, इलाज पाया पहले तो.
sahiasha.wordpress.com