Tuesday, July 15, 2008

छाँछ

छाँछ युँ तो सभी लोग इसे बनाना जानते हैं, फ़िर भी मै अपने कलेक्शन के लिये इसे यहा दे रही हुँ, छाँछ सुबह मे खाली पेट लिया जाये तो कब्ज दुर करता है, खाने के बाद अजवाईन के साथ लिया जाये तो पाचन शक्ति मजबुत करता है। छाँछ जलजीरा के साथ लिया जाय तो अपच, अरुचि, गैस के लिये भी लाभकारी है।

बनाने कि विधी-

एक गिलास छाछ बनाने के लिये आप आधा मात्रा मे दही लिजिये, उसे अच्छी तरह से मथिये, अगर दही मे चिकनाई है तो मक्खन निकाल ही दिजिये, मक्खन निकालने के लिये इसमे थोडा-थोडा पानी मिलाते हुए मथते जाईये।
अब छाँछ को गिलास मे डालिये, गिलास को पानी से भर दिजिये, इसमे सेंधा नमक, भुने हुए जीरा का पाऊडर मिला लिजिये। यह छाँछ सुभ खाली पेट लिजिये, कब्ज मे लाभकारी है।
छाँछ मे नम भुने जीरे के साथ थोडी सी ताजी पुदिने की पत्तियाँ काट कर उपयोग करने से गैस, खट्टे डकार मे लाभकारी होता है।
खाने के बाद छाँछ मे सेधा नमक मिलाये और अजवाईन के साथ प्रयोग करें, पाचन क्रिया मजबुत होता है।
चुकि छाँछ हल्क, सुपाच्य और चिकनाई रहित है इसलिये यह डाईटिंग करने वालो के लिये भी अच्छा होता है।